कानपुर में फर्जी तरीके से नौ शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराने के मामले में जिले के लोगों की भी संलिप्तता सामने आई है। इस मामले में जिले के दो शिक्षकों को भी कार्यभार ग्रहण कराया गया था। इस मामले में एक महाविद्यालय के प्रयोगशाला सहायक और एक जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक को भी कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रयोगशाला सहायक को निलंबित कर दिया गया है।पिछले दिनों एडी माध्यमिक शिक्षा की फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर कानपुर के डीआईओएस को फर्जी शिक्षकों की भर्ती के लिए नाम का पैनल भेजा गया था। बताया जाता है कि एक विद्यालय में जहां एक शिक्षिका को भेजा गया था, वहां की प्रधानाचार्य खुद उस विषय की शिक्षिका थीं। उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी। बाद में जब कार्रवाई शुरू हुई तो पता चला कि फर्जी ई-मेल भेजने वाले गैंग के सदस्य खाली पदों की जानकारी लेने जुलाई 2023 में डीआईओएस कार्यालय गए थे। कई स्कूलों के प्रबंधकों से भी मिले थे। पुलिस ने मिर्जापुर के काशी प्रसाद जायसवाल जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक दिनेश पांडेय, केबीपीजी डिग्री कॉलेज के प्रयोगशाला सहायक अभिनव को गिरफ्तार किया है। दोनों को पुलिस शिक्षा माफिया मान रही है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अभिनव को पुलिस पकड़ कर ले गई है।