Tue. Jan 6th, 2026

परिषदीय स्कूलों में जिले के अंदर तबादले और समायोजन ने शिक्षकों की गणित बिगाड़ दी है। शिक्षकों का कहना है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संविलियन होने पर संविलियित (कंपोजिट) विद्यालयों में प्राथमिक के प्रधानाध्यापक को सरप्लस होने के कारण उसी विद्यालय में उच्च प्राथमिक में सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित कर दिया गया।दूसरी तरफ तमाम अन्य प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की आवश्यकता है। नई समायोजन नीति में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29,334 गणित/विज्ञान शिक्षकों का भी गणित बिगाड़ दिया है। प्राथमिक के प्रधानाध्यापकों के कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक बना देने से जिन उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कंपोजिट होने के बाद छात्र संख्या 100 से कम है, वहां न तो प्राथमिक के प्रधानाध्यापक और न ही उच्च प्राथमिक के प्रधानाध्यापक के पद सृजित हैं। इन स्कूलों में भाषा अध्यापक, गणित/विज्ञान और सामाजिक विषय के एक-एक पद सृजित हैं। विसंगति यह हो रही है कि प्राथमिक के प्रधानाध्यापक को उच्च प्राथमिक में मनमाने ढंग से समायोजित करने से छात्र संख्या के आधार पर 29,334 में 2015 से नियुक्त अध्यापक सरप्लस हो रहे हैं।

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