Mon. Jan 12th, 2026

लखनऊ – प्रदेश में पांच राजकीय माध्यमिक संस्कृत स्कूलों में विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिलेगी। यहां सौ-सौ बेड के हास्टल बनाए जाएंगे।देववाणी संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। गुरुकुल की तरह यहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दी जाएगी। जिन जिलों में यह आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे उनमें अयोध्या, सीतापुर, चित्रकूट, प्रयागराज व मथुरा शामिल हैं। पहले से दो आवासीय विद्यालय चंदौली व भदोही में चल रहे हैं। राजकीय माध्यमिक संस्कृत स्कूलों में प्रथमा (कक्षा आठ) से उत्तर मध्यमा द्वितीय (इंटरमीडिएट) तक की शिक्षा विद्यार्थियों को दी जाएगी। उप शिक्षा निदेशक सीएल चौरसिया के मुताबिक इन स्कूलों में छात्रों को संस्कृत के ज्ञान के साथ-साथ अपनी संस्कृति व परंपरा का भी पाठ पढ़ाया जाएगा। जल्द हास्टलों का निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं, 570 अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक संस्कृत स्कूलों में मानदेय पर शिक्षकों की भर्ती का कार्य चल रहा है। अभी तक 300 से अधिक शिक्षकों की 12 हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक मासिक मानदेय पर भर्ती की गई है।

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