Sat. May 23rd, 2026

प्रधानाध्यापक, शिक्षक और लिपिकों की फर्जी नियुक्ति, वित्तीय अनियमितता, शासकीय गबन के आरोप में तत्कालीन बीएसए हरिकेश यादव, बीईओ, छह विद्यालयों के प्रबंधक और शिक्षकों सहित 18 के खिलाफ शनिवार की देर रात सतर्कता अधिष्ठान थाना वाराणसी सेक्टर में मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई शैक्षिक सत्र 2015 16 और 2016-2017 में नियुक्तियों के धांधली मामले में हुई है। आरोप है कि अधूरी अर्हता, कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति की गई थी।सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर की इंस्पेक्टर सुनीता सिंह ने बताया कि नियुक्तियों में धांधली की जांच 2021 में सतर्कता अधिष्ठान की वाराणसी इकाई को मिली थी। जांच में धांधली की पुष्टि हुई और अब मुकदमा दर्ज किया गया है।मामले के आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी होगी। इंस्पेक्टर ने बताया कि श्री विश्वकर्मा पूर्व माध्यमिक विद्यालय रौना खुर्द में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पद भरे जाने थे, लेकिन तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिकेश यादव और तत्कालीन बीईओ रामटहल ने नियम, मानक दरकिनार कर दिया। कम अर्हता के साथ ही कूटरचित दस्तावेज लगाने वालै अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर दी। इस मामले में दोनों को नामजद किया गया है। इसी तरह श्रीविश्वकर्मा पूर्व माध्यमिक विद्यालय रौनाखुर्द बेला केप्रबंधक काशीनाथ विश्वकर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। बड़ागांव के साधोगंज स्थित श्रीजगनारायण तिवारी स्कूल के प्रधानाध्यापक सत्य कुमार त्रिपाठी, प्रबंध समिति के सदस्य ओम प्रकाश चौबे और खंड शिक्षाधिकारी सुबाष गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ठीक ऐसा ही मामला ग्राम सेवा मंडल जूनियर हाईस्कूल नई बस्ती पांडेयपुर का सामने आया था। इस मामले में प्रधानाध्यापक संजय कुमार जायसवाल, प्रबंधक गणेश यादव, नामित सदस्य संजय यादव, खंड शिक्षाधिकारी चिरईगांव अरविंद कुमार यादव और सभाजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *