ऊर्जा निगम को 93 लाख रुपये देने के बावजूद जिले के 59 परिषदीय स्कूलों में अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं मिल पाया है। इन स्कूलों में बिजली की वायरिंग हुई है। बल्ब लगे हैं, पंखे लटक रहे हैं, पर इनके संचालन के लिए बिजली ही नहीं है। हालांकि, विभाग का दावा है कि मार्च के अंत तक सभी स्कूलों में विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा।जिले में संचालित 1570 परिषदीय स्कूल में करीब 1.60 लाख बच्चे कक्षा एक से आठ तक में पंजीकृत हैं। बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा देने के लिए स्कूलों को अवस्थापना सुविधा से लैश करने संग स्मार्ट क्लास संचालित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। गत वर्ष सर्वे में जिले के 144 स्कूलों में विद्युत कनेक्शन नहीं होने की बात सामने आई थी। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्युत कनेक्शन के लिए ऊर्जा निगम से बात की थी। ऊर्जा निगम ने 93 लाखका एस्टीमेट दिया था। शासन से धन मिलने के बाद विभाग ने अप्रैल 2024 में ऊर्जा निगम के खाते में धनराशि भेजते हुए बीईओ व प्रधानाध्यापकों को कनेक्शन करवाने के लिए कहा था। दावा था कि जुलाई 2024 में स्कूल खुलने से पहले ही विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा, लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है और अब तक सिर्फ 85 स्कूल तक ही ऊर्जा निगम बिजली पहुंचा पाया है। अब भी 59 स्कूलों में बिजली नहीं पहुंची है। बिना बिजली के बच्चों को बिना पंखे के गर्मी में पढ़ना पड़ता है।