प्रदेश के परिषदीयविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों की भांति ही शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइयों को एक-दो तारीख को मानदेय दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी से मिला।संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अभी तक पूरी तरह फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसे पूरा कराया जाए। कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे बच्चों को बहुत ही ज्यादा असुविधा होती है। कायाकल्प योजना में शौचालय निर्माण कराया जाए।उन्होंने मांग की है कि प्रदेश में कार्यरत 23 अगस्त 2010 के पूर्व के शिक्षकों को केंद्र से बात करके शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से राहत दी जाए। उन्होंने कहा की जिले के अंदर व एक से दूसरे जिले में शिक्षकों के परस्पर तबादले के लिए पोर्टल खोला जाए ताकि शिक्षकों को पेयर ढूंढने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। महानिदेशक ने शिक्षकों को समस्याओं के जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया।