जिले में माध्यमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दो दर्जन से अधिक राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन यहां मानक व सृजित पद के अनुरूप शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। छात्र छात्राओं को इण्टर तक निशुल्क शिक्षा देने के लिए कुल 27 राजकीय माध्यमिक स्कूल उपलब्ध हैं। लेकिन किसी भी विद्यालय में सृजित पदों के सापेक्ष शिक्षकों की तैनाती नहीं है। कहीं तीन तो कहीं चार तो कहीं पांच शिक्षक ही तैनात हैं। अधिकतर स्कूलों में विज्ञान, गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में वहां छात्रों को महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई नहीं मिल पा रही है। राजकीय और माध्यमिक विद्यालयों में देखा जाए तो गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षक बहुत ही कम संख्या में हैं। इन विद्यालयों को शिक्षकों की दरकार है। जिससे यहां पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सके। न रास्ता, न शौचालय न पेयजल की व्यवस्था विकास क्षेत्र जमुनहा के ग्राम पंचायत इमलिया करनपुर का राजकीय हाईस्कूल अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। यहां न तो शौचालय की समुचित व्यवथा है और न ही पेयजल की। स्कूल पहुंचने के लिए रास्ता तक ठीक नहीं है। इससे छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विद्यालय में कक्षा नौ में 21 व कक्षा 10 में 29 समेत कुल 50 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां कुल पांच महिला शिक्षकों की तैनाती है। यहां न तो गणित व न ही विद्यालय के शिक्षक उपलब्ध हैं। स्कूल का शौचालय बदहाल है और उपयोग के लायक नहीं है। स्कूल में हैंडपम्प न होने से छात्रों को पानी पीने गांव में जाना पड़ता है। प्रभारी प्रधान शिक्षिका ममता सिंह ने बताया कि दो शिक्षकों की कमी है। वर्ष 2017 में विद्यालय में चोरी हुई थी। जिसमें कम्प्यूटर के उपकरण व 17 पंखे चोर खोल ले गए थे। विद्यालय के खिड़की के शीशे गायब हैं। शौचालय, रास्ते व पेयजल को लेकर समस्या होती है।